SIP Kya Hai? [SIP FULL FORM] SIP के फायदे और नुक्सान।

हैलो दोस्तों हमारे ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज हम इस पोस्ट में बताएंगे कि SIP क्या है, SIP का  full form  क्या है, इसको शुरू कैसे करें,SIP कैसे काम करता है, इसके फायदे तथा नुकसान क्या हैतो आइये जानते हैं SIP के बारे में।

SIP क्या है ?

SIP mutual funds में निवेश करने का एक तरीका है।आप एक निश्चित राशि निश्चित अन्तराल पर अपने अनुसार mutual funds में निवेश कर सकते हैं।

SIP नियमित निवेश का जरिया है। आप कम से कम 500 रुपये से 1000 रुपए का निवेश कर सकते हैं।

निवेश करने की ऊपरी सीमा नहीं होती है। mutual funds SIP के पैसे बाजार में निवेश करता है। फंड तयशुदा थीम में निवेश करता है।

SIP क्या है या SIP का मतलब  व्यवस्थित निवेश योजना होता है, यह एक ऐसी वित्तीय नीति है जिसमें एक किश्त की निश्चित राशि एक स्कीम में नियमित रूप से निवेश की जाती है।

ये आपको शेयर बाजार में सीधे बड़ी राशि निवेश करने के बदले mutual funds में कम अवधि का निवेश करने की आजादी देता है।

आप जो भी राशि निवेश करते हैं उसे हर हफ्ते , हर महीने  या हर तीन महीने में निवेश कर सकते हैं। जब आप SIP की शुरुआत करते हैं तो आपको अपने mutual funds house को ये बताना होता है

कि यह SIP निश्चित अवधि (Fixed duration) के लिए है या यह लगातार (perpetual) SIP है। यह निश्चित अवधि 6 महीने 1,2,3,4,5 साल या इससे भी अधिक साल हो सकते हैं।

आप कम से कम 6 महीने,1,2,3 साल के लिए भी कर सकते हैं  या एक बड़े समय 5 साल या उससे भी अधिक साल के लिए कर सकते हैं लेकिन इसका अनुशासन और  compounding की शक्ति तभी प्रभावी होती है

जब आप इसका इस्तेमाल अपने long term goals यानि लक्ष्य 5 साल से अधिक दूर है, जैसे बच्चों का उच्च शिक्षा, शादी, आपका रिटायरमेंट आदि के लिए कर सकते हैं।

SIP का Full form क्या होता है ?

SIP का full form Systematic Investment Plan है तथा हिन्दी में व्यवस्थित निवेश योजना होता है (SIP क्या है )।

SIP की क्या विशेषताएं हैं ?

  • आप हर महीने Small amount का निवेश कर सकते है।
  • एक साल से ऊपर किसी भी अवधि के लिए SIP कराया जा सकता है।
  • इसमें निवेश की रकम पहले से ही तय हो जाती है। इसमें बदलाव नहीं होता है।
  • हर महीने के तय तारीख को mutual fund companies आपके खाते से निश्चित रकम निकाल लेती है।
  • खाते से पैसा निकालने और  mutual funds फंड यूनिट खरीदने की प्रक्रिया automatic है।
  • ये सिर्फ Investment method है, इसलिए हर महीने की किश्त अपने आप में एक अलग निवेश है।

SIP कैसे काम करता है ?

SIP में जमा किया गया राशि mutual funds में निवेश किया जाता है। Mutual funds SIP का पैसा बाजार में निवेश करता है। शेयर बाजार में हर दिन शेयर का मूल्य घटता तथा बढ़ता रहता है।

SIP में mutual funds की units अलगअलग भाव पर खरीदा जाता है। यह कभी सस्ती और कभी महंगी होती रहती है। जब mutual funds की ज्यादा यूनिट मिल जाती है।

जब यह महंगी हो जाती है तो कम यूनिट्स की खरीदारी हो पाती है।

लेकिन SIP की मदद से mutual fund unit का मूल्य न ज्यादा न कम  बल्कि औसत में रहता है।

जिसकी वजह से निवेशकर्ता को शेयर बाजार का सही समय का तलाश नहीं करना होता है।

SIP Account कैसे खोले ?

सबसे पहले आपको आनलाइन फार्म भरना होता है जिसमें आपको अपनी निजी जानकारियां जैसे नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और एड्रेस आदि देना होता है।

उसके बाद आपको पैन कार्ड और एड्रेस प्रूफ के तौर पर किसी दस्तावेज की  स्कैन्ड कापी को अपलोड करना होता है। इसके बाद आपको इनपर्सन वेरिफिकेशन कराना होता है।

यदि आपके पास आधार है तो पूरी प्रक्रिया बहुत आसान हो सकती है। अपना आधार नम्बर दर्ज करें और फिर OTP के जरिए अथेन्टिकेशन करायें। यदि आप पैन डिटेल्स नहीं देते हैं तो साल में 50,000 रुपये से ज्यादा का निवेश नहीं कर सकते हैं।

इसके बाद आपको फंड हाउस की वेबसाइट पर जाना होता है और नये अकाउंट के लिए रजिस्ट्रेशन लिंक सर्च करना होता है।लिंक खुलने के बाद आप आनलाइन ट्रान्जेक्शन अकाउंट बना सकते हैं।

आपको बैंक डिटेल्स देनी होती है और उसके बाद एक OTP के जरिए अकाउंट का वेरिफिकेशन कराना होता है।

अकाउंट बनने के बाद log in करें और mutual fundsस्कीम चुनें और SIP date select करें और रिक्वेस्ट सबमिट करें। आपका SIP शुरू हो जाएगा।

SIP कैसे शुरू करें ?

SIP शुरू करने की प्रक्रिया इस प्रकार है

अपने उद्देश्यों को निर्धारित करें

SIP में पहला कदम हमेशा उद्देश्यों के निर्धारण के साथ शुरू होता है। उद्देश्य का निर्धारण जैसे किस तरह की योजना को चुना जाए,निवेश का कार्यकाल क्या होना चाहिए, निवेश पर अपेक्षित रिटर्न आदि करना होता है।

निवेश का कार्यकाल निर्धारित करना

उद्देश्यों को निर्धारित करने के लिए निवेश का कार्यकाल निर्धारित करना भी महत्वपूर्ण है। कार्यकाल का निर्धारण बचत की मात्रा का आकलन करने में मदद करता है जिसे करने की आवश्यकता है।

KYC complete होना

Mutual fund में निवेश करने से पहले व्यक्तियों को KYC का अनुपालन करना चाहिए। जिन व्यक्तियों को KYC का अनुपालन प्रक्रिया के साथ किया जाता है, वे विभिन्न mutual fund कम्पनियों की किसी भी योजना में निवेश कर सकते हैं।

आप KYC अनुपालन प्रक्रिया आनलाइन या आफलाइन मोड दोनों के माध्यम से कर सकते हैं।

निवेश राशि और तिथि तय करें

Mutual funds में निवेश करते समय लोगों को राशि तय करनी चाहिए क्योंकि योजना में इसे एक निश्चित अवधि के लिए रखा जाता है।राशि के साथ निवेश की तारीख का चयन करना भी महत्वपूर्ण है।

Investment को Rebalance करते रहना

एक निवेश के सफल होने के लिए सिर्फ अपने पैसे का निवेश पर्याप्त नहीं है। लोगों को अपने निवेश पर लगातार नजर रखने की जरूरत होती है लोगों को अपने निवेश को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने पोर्टफोलियो को समय पर आधार पर rebalanceकरना चाहिए।

SIP के क्या फायदे हैं ?

  • SIP  मे निवेश करने से Tax मे छुट मिलती है।
  • SIP की शुरुआत छोटे निवेश से किया जा सकता है।
  • SIP मे निवेश करना बचत करने का असान तरीका है।
  •  SIP मे निवेश करने का एक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीका है।
  • शेयर मार्केट मे निवेश करने मे हमेशा रिस्क जुड़ा रहता है। लेकिन SIP द्वारा Equity Mutual Fund मे निवेश किया जाता है एक नियमित अन्तराल मे छोटा निवेश निवशकों को कम कर देता है।
  • SIP के जरिये निवेश छोटे निवेशक यानि मासिक आय पाने वाले दुकानदार, गृहिणियां आदि भी निवेश कर सकते हैं क्योंकि इसमें 500 रुपये प्रतिमाह तक भी निवेश कर सकते हैं।
  • SIP को कभी भी बंद करवा सकते हैं और आप एक छोटे अवधि के लिए रुकवा सकते हैं।
  • SIP शुरू करने के लिए अलग से कोई  चार्ज नहीं देना पड़ता है।
  • निवेशक SIP अमाउंट में कभी भी कमी या इजाफा कर सकता है।
  • निवेशक को पैसों की जरुरत पड़ने पर बीच में कुछ पैसा निकाल भी सकता है। इससे SIP पर कोई फर्क भी नहीं पड़ता है।

SIP के क्या नुकसान हैं ?

  • समय के लिए SIP मे निवेश करना फायदेमंद नहीं होता है । क्योंकि छोटी अवधि मे SIP के द्वारा अच्छा Return नही होता  है।
  • SIP मे निवेश करना जोखिम भरा भी  होता है सिप के जरिए 10 साल तक का भी निवेश करते रहने पर जरूरी नहीं कि रिटर्न पाजिटिव ही मिलें।

SIP लेते समय कौनसी गलतियां नहीं करनी चाहिए ?

  • शेयर बाजार में हर दिन शेयर का मूल्य घटता तथा बढ़ता रहता है। SIP को आप उतार चढ़ाव में बंद मत करिये क्योंकि SIP का मतलब ही होता है Systematic Investment Plan । आपको Regular amount निवेश करते रहना चाहिए ताकि आप अपने Investment के  अनुशासन को ला सके।
  • यदि आप ज्यादा अर्न कर रहे हैं तो आप SIP के अमाउंट को भी बढ़ाए।
  • यदि आप लम्बे समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो आप ऐसी रिस्की स्कीम के अन्दर मत जाइए क्योंकि जब मार्केट गिरती है तो स्कीम के रिटर्न भी गिर जाती है।

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