ब्लाकचैन(Blockchain) क्या होता है ? What is BlockChain in Hindi

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What is BlockChain in Hindi? ब्लॉक चैन क्या होता है ?

दुनिया धीरे-धीरे तकनीक के नये युग में प्रवेश करती जा रही है, चाहे मेडिकल में बायोटेक्नोलॉजी या जेनेटिक्स हो,साइन्स में रोबोटिक्स हो,या अर्थ व्यवस्था में ई-कामर्स हो। नये तकनीकों ने परम्परागत तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।आज देश डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) में तब्दील हो रहा है। डिजिटल यानि वो प्रक्रिया जिसमें ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक साधनों के माध्यम से पैसों का ट्रांसफर करता है। एक खाते से दुसरे खाते में पैसा भेजना हो या बिल देना हो या किराने की दुकान से सामान खरीदना हो कार्ड या किसी भी डिजिटल प्लेटफार्म से चुटकियों में लेन-देन हो जाता है।

डिजिटल प्लेटफार्म में ही ब्लॉकचैन (Block-Chain) आता है। ब्लॉकचैन का इस्तेमाल बिटक्वाइन (Bitcoin) समेत कई क्रिप्टोकरेन्सी (Cryptocurrency) लेन-देन में किया जाता है। आज हम ब्लाकचैन के बारे में बताएंगे।तो आइये जानते हैं ब्लॉकचैन तकनीक के बारे में।

ब्लाकचैन(Blockchain) क्या होता है ? What is BlockChain Technology ?

ब्लाकचैन को आधुनिक तकनीक का एक क्रांतिकारी अविष्कार माना जा रहा है। यह एक प्रकार का आभासी बहीखाता (Virtual Book of Account) है, जिसमें सूचना के लेन-देन को उससे पहले ब्लॉक शुरू से लेकर आखिरी ट्रान्जेक्शन (Transaction) तक का हिसाब-किताब जुड़ जाता है। यानि सूचनाओं के ब्लाक्स की एक चैन।

ब्लाकचैन यानि डिजिटल इन्डिक्रेप्थ सार्वजनिक खाता होता है। इसका इस्तेमाल बिटक्वाइन समेत कई क्रिप्टोकरेन्सी लेन- देन में किया जा सकता है। दरअसल ब्लाकचैन आँकड़ों की ब्लॉक की एक श्रृंखला होती है। हर ब्लॉक में उस समय में हुए सभी लेन- देन का लेखा-जोखा होता है। यह पूरी तरह से सार्वजनिक होती है और ब्लाकचैन का इस्तेमाल करने वाला कोई भी व्यक्ति इसे देख सकता है।और पिछले सभी लेन- देन का हिसाब भी जान सकता है। इसे लेन- देन का कोई केन्द्रीय रिकार्ड रखे बिना किसी भी डिजिटल लेन देन को ट्रैक करने की सहूलियत मिलती है।

ब्लाकचैन एक नई टेक्नोलॉजी है जिसको आधार बनाते हुए विभिन्न प्रकार के एप्लिकेशन आज विकसित किए जा रहे हैं या दूसरे शब्दों में कहे तो ब्लाकचैन एक कामन डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर(Common Distributed ledger) है यानि कि एक ही रिकार्ड जो अलग -अलग कम्प्यूटर में अलग-अलग ब्लाक्स में एक साथ स्टोर किए जाते है। इसका उद्देश्य होता है कि कोई एक व्यक्ति मनमानी तरीक़े से बदल नहीं सकता है क्योंकि सभी लोगों के पास ये रिकार्ड होता है।

ब्लाकचैन तीन अलग-अलग तकनीकों का समायोजन है जिनमें इंटरनेट,निजी कुंजी की क्रिप्टोग्राफी यानि सूचना को कोड में बदलना और प्रोटोकॉल पर नियंत्रण रखने की तकनीक शामिल है।

ब्लाकचैन कैसे काम करता है ? How BlockChain Works?

आप जब दुकान से सामान खरीदते हैं तो उस दुकानदार को पैसा देते है लेकिन यही खरीदारी जब आनलाइन करते हैं तो लेन-देन यानि ट्रान्जेक्शन के लिए आपको Paytm, PhonePe आदि की जरूरत पड़ती है।

इसी तरह जब आप किसी के खाते में पैसा भेजते हैं तो बीच में बैंक होता है। बैंक आपके खाते से पैसा लेकर दूसरे के खाते में ट्रांसफर करता है और लेन देन से जुड़ी जानकारियों का हिसाब या बहीखाते में रखता है। इसी तरह ब्लाकचैन एक वर्चुअल बहीखाता है। ब्लाकचैन तकनीक में बैंक और विचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सीधे ट्रान्जेक्शन हो जाता है।

ब्लाकचैन एक डिस्ट्रिब्युटेड लेजर या डाटाबेस है। जिसकी जानकारी लेन- देन से जुड़े हर नोट या कम्प्यूटर या इन्सान तक होती है।आमतौर पर बहीखाते या रजिस्टर्ड में दर्ज जानकारियां सिर्फ बैंक के पास होती है। ब्लाकचैन तकनीकी में लेन- देन की हर जानकारियां यूजर्स के पास होती है। लेकिन लेन -देन तभी मुमकिन होता है जब चैन से जुड़े लोग ऐसा करने वाले परमिशन देते है। इस तरह जानकारियां सार्वजनिक रहते हुए भी गोपनीय रहती है।

ब्लाकचैन का उपयोग कहाँ किया जाता है ? Uses Of BlockChain :

1.क्रिप्टोकरेन्सी और वित्तीय लेन- देन या इन्श्योरेंस में ब्लाकचैन का उपयोग किया जाता है।
2.संपत्तियां किराये पर देने में ब्लाकचैन का उपयोग किया जाता है।
3.कानूनी कागजात, स्वास्थ्य आँकड़े, नोटरी, निजी दस्तावेजों का वाल्ट सुरक्षित रखने में ब्लाकचैन का उपयोग किया जाता है।
4.सब्सिडी वितरण, भू -रिकार्ड नियमन,सरकारी योजनाओं का हिसाब किताब रखने में ब्लाकचैन का उपयोग किया जाता है।
5.क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल पहचान में ब्लाकचैन का उपयोग किया जाता है।
6.स्मार्ट कान्ट्रेक्ट, डिजिटल मतदान में भी ब्लाकचैन का उपयोग किया जा रहा है।
7.साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज के सन्दर्भ में भी ब्लाकचैन का उपयोग किया जा रहा है।

ब्लाकचैन से क्या नुकसान होता है ? Disadvantages of BlockChain:

 


1.ब्लाकचैन से अतिरिक्त शुल्क, या धनराशि गायब होने की शिकायत सामने आ रही है।
2.नागरिक सूचनाओं की ब्लाकचैन से चोरी होने खतरा रहता है।
3.ब्लाकचैन से साइबर उत्पीड़न हो सकता है।
4.डिजिटल लेन-देन से अवैध शुल्क वसूली हो रही है।
5.ब्लाकचैन से औद्योगिक जासूसी, फ्राड भुगतान, गैरकानूनी के लेन -देन के मामले बढ़े हैं।

ब्लाकचैन का महत्व – Importance of BlockChain

ब्लाकचैन से शैक्षणिक जानकारियां की शेयरिंग पारदर्शी, सुरक्षित अकादमिक प्लेटफार्म की मुहैया कराई जा रही है। ब्लाकचैन तकनीक का वित्तीय क्षेत्र में तेजी से प्रसार हो रहा है। फिटनेस  कम्पनियां वित्तीय सेवाओं में ब्लाकचैन का सहायता ले रही है। ये कम्पनियां इसके जरिये ऋण (Loan ) देने से और बीमा तक मुहैया करा रही है। दरअसल विकेन्द्रीकरण (Decentralization) और पारदर्शिता (Transparency) की वजह से ये तकनीक काफी कारीगर साबित हो रहा है।

लेकिन जहाँ निजी सूचना का मामला हो या जानकारियां सार्वजनिक होने पर नुकसान का डर हो वहाँ इनका इस्तेमाल नहीं हो सकता फिर भी पारदर्शिता बढ़ाने और साफ-सुथरा लेन-देन और लेन -देन का इतिहास जानने के लिए ब्लाकचैन बहुत ही शानदार है।

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