BDO (बीडीओ) क्या होता है ? इसकी चयन की प्रक्रिया क्या होती है?

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हेलो दोस्तों, हमारे ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज हम इस पोस्ट में बताएंगे कि बीडीओ (Block development officer) क्या होता है?, बीडीओ बनने के लिए क्या योग्यताए होने चाहिए?  इसके लिए आयु कितनी होनी चाहिए?, इसकी सैलरी कितनी होती है?, इस पद के लिए चयन प्रक्रिया क्या होता है?, इसकी परीक्षा की तैयारी कैसे करें?, इसके कार्य क्या है? के बारें में बतायेंगे ।

वैसे तो अधिकतर  युवा की इच्छा होती है कि वह एक सरकारी अफसर बने। इसके लिए वे कठिन परिश्रम भी करते हैं लेकिन सभी लोग सफल नहीं हो पाते हैं। सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम, धैर्य और विश्वास की आवश्यकता होती है।  तो आइए जानते हैं बीडीओ के बारे में-

BDO (बीडीओ) क्या होता है ?

BDO ka full form-

बीडीओ का फुल फार्म ब्लॉक डेवलपमेंट आफिसर ( Block Development Officer ) होता है। हिन्दी में इसे विकास खंड अधिकारी होता है। बीडीओ का पद एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट है जो ग्रुप -2 के अन्तर्गत आती है। ब्लॉक डेवलपमेंट आफिसर पदों पर भर्ती सम्बन्धित राज्यों के लोक सेवा आयोग द्वारा की जाती है। सामान्यतः बीडीओ के पोस्ट पर डायरेक्ट रिक्रूटमेंट होती है जिसके लिए राज्यों के राज्य पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा की जाती है। इन पोस्ट पर समय-समय निकलने वाले भर्तियों के आधार पर की जाती है।
बीडीओ को खंड विकास अधिकारी अथवा ब्लॉक विकास अधिकारी कहा जाता है।

विकास खंड का निर्माण अनेक पंचायतों को मिलाकर होता है। इसके मुख्यालय को सामुदायिक विकास केंद्र कहा जाता है। विकास खंड और सामुदायिक विकास केन्द्रों के सहयोग से जनविकास से सम्बन्धित जन कल्याणकारी योजनाओं को बीडीओ द्वारा लागू किया जाता है। विकास खंड के प्रभारी अधिकारी को ही ब्लॉक डेवलपमेंट आफिसर या खंड विकास अधिकारी कहा जाता है।

सामान्यतः ब्लॉक डेवलपमेंट आफिसर की नियुक्ति राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में की जाती है। इन क्षेत्रों की विकास की जिम्मेदारी बीडीओ पर ही होती है। बीडीओ को क्षेत्र के सम्बन्धित गांव के प्रधान, जिला प्रमुख, जिला कलेक्टर, जिला परिषद, राज्य सरकार के विभिन्न भागों के जिला स्तर के अधिकारी आदि के निर्देशों के अनुसार कार्य करने होते हैं।

BDO (बीडीओ ) के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या होने चाहिए ?

बीडीओ बनने के लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी सब्जेक्ट से ग्रेजुएट या स्नातक होने चाहिए तथा जिस क्षेत्र के लिए आप अप्लाई कर रहे हैं वहाँ के स्थानीय भाषा पर भी आपकी अच्छी पकड़ होनी चाहिए।

Nationality (राष्ट्रीयता) – Indian(भारतीय)

BDO (बीडीओ ) बनने के लिए आयु-सीमा कितनी होनी चाहिए ?

बीडीओ बनने के लिए आपकी उम्र सामान्यतः कम से कम 21 साल तथा अधिकतम 40 साल होने चाहिए। अलग-अलग राज्यों के लोक सेवा आयोग द्वारा आयु-सीमा निर्धारित होती है। और विभिन्न राज्यों के लोक सेवा आयोग द्वारा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को उम्र में छुट प्रदान किया जाता है।

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BDO (बीडीओ ) पद के लिए चयन प्रक्रिया क्या होती है ?

बीडीओ पद के लिए अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और इन्टरव्यू के आधार पर किया जाता है। यह तीन चरणों में पूरा किया जाता है –

  • प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary exam)
  • मुख्य परीक्षा (Main exam)
  • साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary exam)-

सबसे पहले लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाता है। लिखित परीक्षा का आयोजन लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किया जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर होता है। दोनों ही पेपर का समय दो घंटे का होता है। प्रत्येक पेपर 200 अंकों का होता है।

Paper (1) General Studies (Ⅰ) – 150 प्रश्न , जो 200 अंकों का होता है।

Paper(2) General Studies(Ⅱ)– 100 प्रश्न, जो 200 अंकों का होता है।

नोट – Paper(2) General Studies(Ⅱ)  के लिए सभी  अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने अनिवार्य  हैं।

मुख्य परीक्षा (Main exam)-

प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण  करने के बाद आपको मुख्य परीक्षा में सम्मिलित किया जाता है। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों  को सामान्य हिन्दी, निबंध, सामान्य अध्ययन के साथ एक ऐच्छिक विषय का चुनाव करना होता है 

Paper No (1) सामान्य हिंदी (General Hindi) (I)  – 150 अंक , समय (3 घंटे )

Paper No (2) निबंध (Essay) (I) – 150 अंक , समय (3 घंटे) 

सामान्य अध्ययन (General Studies)  के 4 पेपर होते है –

Paper No (3) सामान्य अध्ययन (General Studies) (I) – 200 अंक , समय (3 घंटे)

Paper No (4) सामान्य अध्ययन (General Studies) (ⅠⅠ) – 200 अंक , समय (3 घंटे)

Paper No (5) सामान्य अध्ययन (General Studies) (ⅠⅠⅠ) – 200 अंक , समय (3 घंटे)

Paper No (6)  सामान्य अध्ययन (General Studies) (IV) – 200 अंक , समय (3 घंटे)

ऐच्छिक या वैकल्पिक विषय एक होता है जो अभ्यर्थियों द्वारा मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम में  दिए गये वैकल्पिक विषय में से वे  अपनी ईच्छा अनुसार चुनाव कर सकते है इसके 2 पेपर होते है –

Paper No (7)  वैकल्पिक विषय (Optional Subject)  (I) – 200 अंक , समय (3 घंटे)

Paper No (8)  वैकल्पिक विषय (Optional Subject)  (II) – 200 अंक , समय (3 घंटे)

Main Exam (मुख्य  परीक्षा) 1500 अंक  + व्यक्तित्व परिक्षण (साक्षात्कार) 100 अंक = Total Marks = 1600 अंको (Marks)

व्यक्तित्व परिक्षण (साक्षात्कार)-

मुख्य  परीक्षा में अच्छे अंको से उत्तीर्ण और मेरिट सूचि में आने वाले  अभ्यर्थियों को व्यक्तित्व परिक्षण (इन्टरव्यू) के लिए बुलाया जाता है। व्यक्तित्व परिक्षण (इन्टरव्यू) 100 अंको  का होता है । इस प्रक्रिया  में अभ्यर्थियों से अनेक प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके बाद लोक सेवा आयोग द्वारा एक मेरिट लिस्ट जारी की जाती है। इस मेरिट लिस्ट के अनुसार चुने गए अभ्यर्थियों को ब्लॉक डेवलपमेंट आफिसर या खंड विकास अधिकारी के लिए नियुक्त कर लिया जाता है।

BDO (बीडीओ) परीक्षा की तैयारी कैसे करें ?

बीडीओ की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को  राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय तथा घटनाओं के बारे में, इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के बारे में, विश्व भूगोल, भारत भूगोल,  भारतीय राजनीति और प्रशासन, सामाजिक विकास, पर्यावरण, जनसंख्या, तर्क शक्ति , अंकगणितीय और सांख्यकीय , सामान्य विज्ञान , सामान्य हिंदी, वैकल्पिक विषय आदि की तौयारी करनी चाहिए तथा न्यूज पेपर भी आपको रोजाना पढ़ना चाहिए इससे आपको बहुत ही मदद मिलती है। इसके साथ-साथ ही सेल्फ स्टडी भी करना चाहिए। आप इंटरनेट की भी मदद लेकर भी पढ़ाई कर सकते हैं।

बीडीओ (BDO) की सैलरी कितनी होती है ?

बीडीओ की सैलरी 9300-34800 रुपये तथा 3600 ग्रेड पे भी मिलता है। जिन संगठनों में सातवाँ वेतन आयोग लागू हो चुका है वहाँ समकक्ष ग्रेड के अनुरूप सैलरी दी जाती है। इसके साथ-साथ अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्राप्त होती है जिसका कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है।

बीडीओ (BDO ) के क्या कार्य है ?

1.ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण विकास योजनाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन योजना, आवास, कृषि योजनाओं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदि से जुड़े सभी कार्यों की जिम्मेदारी बीडीओ की होती है।

2.राज्य व केंद्र सरकार के विभिन्न अधिकारियों के साथ ब्लॉक स्तर पर किए जा रहे कार्यों एवं नीतियों के क्रियान्वयन में बीडीओ को सहयोग करना होता है।

3.बीडीओ पंचायत समिति की ओर से सभी कन्ट्रेक्ट लेटर्स और कागजात को आउट हेन्सेट (out Hencate) करता है जिसमें कि  (appropriate authority) का एप्रूवल मिल सके।

4.बीडीओ पंचायत समिति फन्ड से पैसे निकालता है और पंचायतों को पैसा प्रदान करता है तथा पंचायत समिति के अकाउंट के आडिट में होने वाली अनियमितता की जांच करता है और गड़बड़ी होने पर उनके लिए उचित कार्यवाही करता है।

5.उच्च अधिकारी के निर्देशों का क्रियान्वयन करता है।

6.विकास सम्बन्धी सभी शिकायतों को सुनना तथा उनके वांछित निराकरण के लिए योजना बनाता है।

7.बीडीओ राज्य की पंचायती राज संस्थाओं में तालमेल स्थापित करता है।

दोस्तों मै आशा करता हूँ की मेरे द्वारा BDO के बारें में जो जानकारी  दी गयी  आपको समझ में आयी होगी और साथ में पसंद  भी आयी होगी  जो अभ्यार्थी BDO बनने के सपने सजोये है वे इस पोस्ट से अपनी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लाभ ले सकते है ।

आप इस जानकरी को अपने दोस्तों में शेयर करें तथा यदि कोई सुझाव या कोई Comments करना चाहते है तो Comment Box में Comment कर सकते है ।

 

 

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