बीमा (Insurance) और जीवन बीमा (Life Insurance) क्या है ?

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हैलो दोस्तों hindipedia.net में आप का स्वागत है आज हम आप लोगों को बीमा (Insurance) और जीवन बीमा(Life Insurance) के बारें में बतायेगे।

बीमा भविष्य में किसी नुकसान की आशंका से निपटने का औजार है। हमें नहीं पता कि कल क्या होगा? इसलिए हम बीमा पॉलिसी के माध्यम से  भविष्य में संभावित नुकसान की भरपाई की कोशिश करते हैं।

इंश्योरेंस का मतलब जोखिम से सुरक्षा है। अगर कोई बीमा कंपनी किसी व्यक्ति का बीमा करती है तो उस व्यक्ति को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपायी बीमा कंपनी करेगी।

इसी प्रकार अगर बीमा कंपनी ने किसी कार, घर या स्मार्टफोन का बीमा किया है तो उस चीज के टूटने, फूटने, खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में बीमा कंपनी उसके मालिक को पहले से तय शर्त के हिसाब से मुआवजा देती है।

बीमा वास्तव में बीमा कंपनी और बीमित व्यक्ति के बीच एक अनुबंध है ।

इस कॉन्ट्रेक्ट के तहत बीमा कंपनी बीमित व्यक्ति से एक निश्चित धनराशि (प्रीमियम) लेती है और बीमित व्यक्ति या कंपनी को पॉलिसी की शर्त के हिसाब से किसी नुकसान की स्थिति में हर्जाना देती है.

बीमा (Insurance) के प्रकार-

सामान्यतया बीमा दो तरह का होता है-

  • जीवन बीमा (Life Insurance)
  • साधारण बीमा (General Insurance)

Life Insurance(जीवन बीमा)-     

जीवन बीमा एक ऐसी योजना है जिससे किसी व्यक्ति को आपदा से राहत देने, शिक्षा की उन्नति चिकित्सीय सहायता तथा अन्य जीवनों उपयोगी उद्देश्यों की प्रगति के लिए बनायीं गयी है।

इस योजना में दस्तावेजो पर लिखित करार किया जाता है। इससे बीमाधारी तथा बीमाकर्ता के बीच में किया जाता है।

 

इस करार में बीमा प्रदाता बीमाधारी की हानि (गंभीर बीमारी,दुर्घटना व् मृत्यु) की दशा में पूर्व स्वीकृत धनराशि देने का वादा करता है इस वादे के बदले में बीमाधारी एक निर्धारित धनराशि किसी निर्धारित समयांतराल में निश्चित धनराशि देते रहने का वादा करता है।

 

जीवन बीमा में पॉलिसी का भुगतान निश्चित होता है और बीमित धटना का घटित होना भी निश्चित है परन्तु किसी घटना का समय निश्चित नही होता है क्योकि घटना कभी भी घटित हो सकती है इसलिए जीवन बीमा को जीवन आश्वासन कहते है ।जीवन बीमा का केंद्र व्यक्ति होता है।

भारत में पॉलिसीधारको के हितो की रक्षा करने हेतु एवं बीमा उद्दोग का क्रमबद्ध विनिमय संवर्धन तथा संबंधित आकस्मिक मामलो पर कार्य करने के लिए IRDA(Insurance Regulatory And Development Authority) की स्थापना सन् 1999 में की गयी।

यह भारत सरकार का प्राधिकरण है इसका उद्देश्य बीमा पॉलिसी धारको के हितो की रक्षा करना, बीमा उद्दोग का क्रमबद्ध विनियमन,संवर्द्धन तथा उससे सम्बंधित आकस्मिक मामलों पर कार्य करता है इसका मुख्यालय हैदराबाद में है।

जीवन बीमा का उद्देश्य-

  • आपदा से राहत के लिए मदद पहुचना ।
  • शिक्षा की उन्नति हेतु सहायता प्रदान करना।
  • चिकित्सीय सहायता के लिए।
  • अन्य जन उपयोगी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए।

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जीवन बीमा के प्रकार-

  • आजीवन बीमा पॉलिसी।
  • अवधिक बीमा पॉलिसी ।
  • सामान्य आजीवन बीमा पॉलिसी ।
  • सिमित भुगतान आजीवन बीमा पॉलिसी।
  • एक मुक्त प्रीमियम आजीवन बीमा पॉलिसी।
  • बंदोबस्ती जीवन बीमा पॉलिसी।
  • संयुक्त बीमा पॉलिसी।
  • समूह जीवन बीमा पॉलिसी।
  • लाभ सहित एवं लाभ रहित बीमा पॉलिसी।
  • दोहरी दुर्घटना बीमा पॉलिसी
जीवन बीमा अनुबंध के नियम-
  • बीमा योग हित में ।
  • जीवन बीमा प्रासंविदा क्षतिपूर्ति की प्रासंविदा नहीं है इसमें स्पष्ट बताया गया है की जीवन की हानि (मृत्यु) की क्षतिपूर्ति संभव नही है ।
  • जीवन बीमा से लाभ-   

  • जीवन बीमा व्यक्ति की आकस्मिक मृत्यु से होने वाली हानि से उभारने में उक्त व्यक्ति के परिवार की आर्थिक मदद करता है ।
  • जीवन बीमा एक वृद्धावस्था की बचत के लिए एक सुविधा प्रदान करता है।
  • इससे व्यक्ति के बचत को बढ़ावा मिलता है ।
  • साख जीवन पॉलिसी की जमानत पर कर्ज की सुविधा देता है ।
  • इसके माध्यम से व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा बढ़ती है।।

जीवन बीमा की योजनाए-         

कुछ महत्वपूर्ण जीवन बीमा योजनाए निम्नवत है-

व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (Personal Accident Insurance )

दुर्घटना बीमा योजना या Accidental Policy में भी आप एक निर्दिष्ट मूल्य जमा करके Policy किये हुए व्यक्ति के दुर्घटना हो जाने पर उस Policyholder व्यक्ति को चोट लग जाने या विकलांग  हो जाने पर, किये हुए Policy के नियमों और शर्तों(Terms and Condition) के अनुसार हस्पताल का खर्चा या मृत हो जाने पर राशी दी जाती है।

Accidental Insurance Policy का सबसे बड़ा लाभ यह है की इसमें आपके दुर्घटना हो जाने पर आपको किसी भी प्रकार का खर्च नहीं उठाना पड़ता। Insurance Policy Company सारा खर्चा उठाती है पर अलग-अलग Policy में अलग-अलग terms होते हैं जिन्हें पढ़ कर ही Policy करवाना चाहिए।

 चिकित्सा और स्वास्थ्य बीमा योजना (Medical and Health Insurance)

चिकित्सा और स्वास्थ्य बीमा योजना या Medical and Health Insurance में भी आप एक निर्दिष्ट मूल्य जमा करके Policy किये हुए व्यक्ति के स्वास्थ्य संबंधी सभी मामलों में जैसे किसी बीमारी अस्पताल में दाखिल होना, दवाइयों का खर्चा, ऑपरेशन का खर्चा अदि Insurance Provider कंपनी करती है।

साधारण बीमा (General Insurance)

कुछ प्रमुख साधारण बीमा निम्नलिखित है-

  • वाहन बीमा (Vehicle Insurance )

अगर आपके पास अपनी कार, मोटर साइकिल या कोई अन्य वाहन है तो वाहन बीमा योजना या Vehicle Insurance आपके लिए जरूरी है। इस प्रकार की Insurance Policy आपके गाड़ी के दुर्घटना या चोरी हो जाने पर मददगार साबित होते हैं।

लेकिन कुछ वाहन बीमा योजना में Third Party पालिसी भी की जाती है जिसमें गाड़ी चलने वाले ड्राईवर या पैदल चलने वाले लोगों का Insurance Claim कर सकते हैं।

इस पालिसी का करना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यह हमारे घर के मूल्यवान चीजों में से एक यानिकी वाहनों के लिए किया जाता है। आज कल तो छोटे मोटे दुर्घटना होते ही रहते हैं ऐसे में भी इन वाहनों पर अधिक खर्चा होता है। अगर आपका वाहन Policy Insured है तो आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि आप अपने वाहन के छोटे मोटे क्षति के लिए भी  Insurance Policy देने वाली कंपनी से Claim कर सकते हैं।

घर का बीमा (Home Insurance ) 

घर का बीमा या Home Insurance में जो Insurance किया जाता है उसमें आपके घर के Building का सामान और Structure के अनुसार Policy बनायीं जाती है। इसमें Insurance Company घर का या घर के सामान दोनों चीज के Damage होने पर खर्च वहन करती है।

यह बीमा घर के गिर जाने, कोई दुर्घटना हो जाने, सामान के चोरी हो जाने, जल जाने या किसी भी ऐसी असुविधा में काम आता है जिसमें घर या अन्दर रखे सामान का नुकसान हो गया हो।

 यात्रा बीमा (Travel Insurance)-

अगर आपको अकले या अपने परिवार के साथ कहीं Travel करना हो, तो ऐसे में यात्रा बीमा या Travel Insurance करना अच्छा साबित हो सकता है। ऐसे में यात्रा में देरी होने या cancel हो जाना या यात्रा के दौरान दुर्घटना हो जाने पर Insurance Company हानि हुए रुपयों को वहन करता है।

फसल बीमा (Crop Insurance)-

अगर आप एक किसान हैं तो प्रति वर्ष आपको अपने फसल का बीमा जरूर करवाना चाहिए। मौसम का क्या भरोसा है बारिश हो भी सकती है नहीं भी। किन्तु अगर आपने अपने फसल का बीमा करवाएंगे तो आप बिना कोई चिंता खेती कर सकते हैं।

अगर बारिश नहीं हुआ या किसी अन्य कारण वश आपका फसल तबाह हो जाये तो ऐसे में Insurance Company नुकसान की भरपायी करता है।

  • कारोबार उत्तरदायित्व बीमा (Business Liability Insurance)

    उत्तरदायित्व बीमा वास्तव में किसी कंपनी के काम-काज या किसी उत्पाद से ग्राहक को होने वाले नुकसान की भरपायी के लिए होता है।

इस तरह की किसी स्थिति में कंपनी पर लगने वाला जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का पूरा खर्च उत्तरदायित्व बीमा (Liability Insurance) करने वाली बीमा कंपनी को उठाना पड़ता है।

भारत की कुछ मुख्य बीमा कंपनियाँ-       

  • बजाज अलियांज लाईफ इंश्योरेंस ।
  • बिरला सनलाईफ लाईफ इंश्योरेंस।
  • एचडीएफ़सी स्टैंडर्ड लाईफ इंश्योरेस।
  • आईसीआईसीआई प्रुडेंशल लाईफ इंश्योरेंस।
  • एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कं लिमिटेड।
  • भारतीय जीवन बीमा निगम।
  • मैक्स न्यूयार्क लाईफ इंश्योरेंस कं लिमिटेड।
  • मेट लाईफ इंडिया इंश्योरेंस कं लिमिटेड।
  • कोटक महिंद्रा ओल्ड म्यूचल लाईफ इंश्योरेंस लिमिटेड।
  • एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस कं लिमिटेड।
  • टाटा एआईजी लाईफ इंश्योरेंस कं लिमिटेड।
  • रिलायंस लाईफ इंश्योरेंस कं लिमिटेड।
  • अविवा लाईफ इंश्योरेंस कं इंडिया प्रा. लिमिटेड।
  • सहारा इंडिया लाईफ इंश्योरेंस।

भारती एक्सा लाईफ इंश्योरेंस।

फ्यूचर जनरालि लाईफ इंश्योरेंस।
आईडीबीआई फोर्टीज़ लाईफ इंश्योरेंस।

दोस्तों आशा करते है कि आपको बीमा और जीवन बीमा के प्रकार उद्देश्य,लाभ के बारें में पूरी जानकारी मिली होगी । दोस्तों अगर यह पोस्ट अच्छी होगी तो comments कर सकते है ।

 

 

 

 

 

 

 

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