S-400 & S-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Missile Defence System)-

s-400

S-400 Missile Defence System-

भारत को रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम मिलने की उम्मीद थी यह एक ऐसा मिसाइल सिस्टम है जिससे भारत को अपनी सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

15 अक्टूबर 2016 को भारत और रूस के बीच इस मिसाइल सिस्टम को लेकर सरकार के स्तर पर समझौता हुआ था  यह सौदा करीब 40 हजार करोड़ रुपये का था।

भारत रूस से पांच एस-400 डिफेंस सिस्टम खरीद रहा है जिसकी पहली खेप दिसंबर माह में मिल गयी भारतीय सेना के विशेषज्ञ अधिकारी जनवरी 2021 से ही रूस में इस सिस्टम को चलाने की ट्रेनिंग ले रहे थे।

भारत ने 2019 में सिस्टम के लिए 80 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था यह पूरा सौदा करीब 40 हजार करोड़ रुपये का है ।राफेल लड़ाकू विमानों की तरह यह भी एक बेहद बड़ा सुरक्षा सौदा है।

भारत ने रूस के S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defence Missile System) की पहली खेप को किसी भी तरह के हवाई हमलों से निपटने के लिए इसको पंजाब सेक्टर में तैनात किया है, जहां से चीन और पाकिस्तान की किसी भी हरकत का जवाब दिया जा सकेगा।

S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की विशेषताए-

यह दुनिया की एक सबसे बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम है। द इकोनॉमिस्ट पत्रिका ने 2017 में इसे दुनिया का सबसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम बताया था। यह एक मोबाइल सिस्टम है।

यानि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इस सिस्टम को एक बड़े ट्रक पर रडार, मिसाइलें और लॉन्चर तैनात किए जाते है।

इस पूरे सिस्टम को कुछ ही मिनट के भीतर फायर करने के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें खास 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो 600 किमी की दूरी से ही 300 लक्ष्यों को पता लगा सकता है।

यह सिस्टम इन लक्ष्यों को मार गिराने के लिए चार अलग-अलग तरह की मिसाइलों को दागने में सक्षम है।

प्रत्येक एस-400 सिस्टम में चार तरह की मिसाइलें लगी हैं । इसमें से पहली मिसाइल 400 किमी, दूसरी 200 किमी, तीसरी 100 किमी और चौथी 40 किमी रेंज की है।

ये कुछ ऐसी मिसाइलें है जिनके वार से किसी भी लक्ष्य के लिए बचना लगभग असंभव सा है ।

यह सिस्टम धरती से 100 फीट की ऊंचाई से लेकर 40 हजार फीट की ऊंचाई तक के लक्ष्य को भेद सकता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक एस-400 की तैनाती से भारत के पूरे हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और साथ ही में इस डिफेंस सिस्टम से भारत की सुरक्षा बेजोड़ हो जाएगी ।

इससे पहले हमारे दुश्मन देश चीन ने पहले ही रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीद चुका है। उसने 6 सिस्टम खरीदे हैं ।

उसमें से दो की तैनाती उसने वास्तविक नियंत्रण रेखा(LAC) से पास कर रखी है । इसलिए भी यह डिफेंस सिस्टम भारत के लिए जरुरी हो जाता है ।

S-400 की क्षमता

ये मिसाइल जमीन से हवा में मार करती है, जिससे भारत की मारक क्षमता और मजबूत हो जाएगी।

S-400 में सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें होती हैं, जो टारगेट को भेदने में माहिर हैं। S-400 को दुनिया के सबसे आधुनिक हथियारों में गिना जाता है।

ये मिसाइल दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन, मिसाइलों और यहां तक कि अमेरिका के F-35 जैसे लड़ाकू विमानों को भी मारने में सक्षम है।

S-400 के लॉन्चर से 3 सेकंड में 2 मिसाइलें छोड़ी जा सकती हैं इससे छूटी मिसाइलें 5-6 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से छूटती है

और 35 किलोमीटर की ऊंचाई तक वार कर सकती हैं इसके आने से भारत की उत्तरी, उत्तर पूर्वी और उत्तर पश्चिमी सीमा को सुरक्षित हो जायेगी।

s-500

S-500 Missile Defence System-

एस-500 कितना शक्तिशाली है इसका अन्दाजा इस बात से लगाया जा सकता है। इसमें लगी मिसाइलें अन्तरिक्ष मे किसी भी हवाई लक्ष्य को पल भर मे नष्ट कर सकता है।

रूस के दावे के अनुसार भारत S-500 डिफेंस सिस्टम यदि भारत खरीदने पर विचार करता है।और खरीदता है तो भारत पर कोई हवाई हमले करने की सोच भी नहीं सकता है।

S-500 एक नई पीढ़ी की सतह से हवाई मिसाइल प्रणाली है। यह अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और वायु रक्षा के लिए विमानों को अवरुद्ध और नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

एंटी बैलिस्टिक मिसाइल (एबीएम) के लिए इसकी सीमा 600 किमी और वायु रक्षा के लिए 400 किमी होगी।

S-500 मिसाइल 7 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार से उड़ने वाले 10 बैलिस्टिक हाइपरसोनिक लक्ष्यों का पता लगाने और साथ-साथ उन्हे नष्ट करने में सक्षम होगा।

इसका हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल के साथ साथ मेक 5 की गति तक उड़ने वाले हवाई वस्तु को नष्ट करने का भी लक्ष्य है।

यह मिसाइल 200 किमी की ऊंचाई पर घूम रहे सेटेलाइट को भी नष्ट कर सकता है।

एस-500 मिसाइल (S-500 Prometey) जिसे 55आर6एम “ट्रायमफेटर-एम” (55R6M “Triumfator-M.”) के रूप में भी जाना जाता है।

वर्तमान में उपयोग की जाने वाली ए-135 मिसाइल प्रणाली और यह s-400 का ही  उन्नत रूप है जो सतह से हवा में हमला करने वाली मिसाइल/एंटी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली है।

S-500 का विकास अल्माज-एंटेई एयर डिफेंस कंसर्न द्वारा किया जा रहा है और इसकी विशेषताए अमेरिकी की टर्मिनल हाई आल्टीटिड एरिया डिफेंस सिस्टम (THAAD Missile) के समान है।

S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम कितना शक्तिशाली है?

एस-500 डिफेंस सिस्टम को प्रामिटी भी कहा जाता है। S-500 का नाम ग्रीक देवता प्रामिथियस के नाम पर रखा गया है।

जिन्हें आग का देवता कहा जाता हैं S-300 S-400 की तरह इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम को रूस की सरकारी कम्पनी अल्माज अलमाईटी कारपोरेशन ने विकसित कर रही है।

S-400 मारक क्षमता –

S-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम में चार तरह की मिसाइले लगी होती है।

इसमे पहली मिसाइल की रेंज 600 किलोमीटर, दूसरी मिसाइल की रेंज 250 किलोमीटर, तीसरी मिसाइल की रेंज 120 किलोमीटर, चौथी मिसाइल की रेंज 40 किलोमीटर है।

ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम अत्यधिक आधुनिक तकनीकी  से लैस है। और यह 600 किलोमीटर दूरी से ही दुश्मन की मिसाइलो और लड़ाकू विमानों को हवा में ही पहचान कर उसे नष्ट कर सकता है ।

यही नहीं यह एक ऐसा सुरक्षा कवच है जो हाइपरसोनिक मिसाइलों से लेकर ड्रोन विमानों को भी पलक झपकते ही नष्ट कर सकता है।

ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम 16000 मील/घंटे की रफ्तार से किलर मिसाइलों को लक्ष्य की तरफ भेजता है जो ध्वनि की रफ्तार से कई गुना ज्यादा है।

एस-500 धरती से सैकड़ों किमी ऊंचाई पर अंतरिक्ष मे लक्ष्यों को नष्ट कर सकता है।

अतः इससे500 किमी की ऊंचाई तक पृथ्वी की लो आर्बिट मे जो सेटेलाइट घूम रहे हैं उनको भी नष्ट किया जा सकता है इसका इस्तेमाल ASAT की तरह भी किया जा सकता है।

इसे भी जानें-

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आज हम आपको इस पोस्ट में S-400 & S-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के बारे में बताएं। उम्मीद है कि आप इसके बारे में अच्छी तरह समझ गए होंगे। यह पोस्ट अच्छी लगे तो ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों और अन्य लोगों में  शेयर भी जरूर करें।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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