RT-PCR test क्या होता है? Full Form of RT-PCR

कोविड-19 Positive है या Negative या जब भी किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं या जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं उन व्यक्तियों का जिससे टेस्ट किया जाता है वो RT -PCR test और Rapid Antibody test होता हैं। कोरोना की पूर्ण रूप से पुष्टि के लिए RT-PCR  टेस्ट जरूरी होता है। आज हम इस पोस्ट में RT-PCR के बारे में बताएंगे। 

RT-PCR test क्या होता है ?इसका full form क्या होता है ?इसका टेस्ट कैसे किया जाता है? RT-PCR test में अधिक समय क्यों लगता है ?इस टेस्ट को पूरा करने में कितना समय लगता है?RT-PCR test की कीमत क्या है? तो आइए जानते है RT-PCR testके बारे में ।

Corona RT PCR

RT-PCR test क्या होता है?

कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए RT-PCR test होता है। इस टेस्ट में व्यक्ति के नाक के छेद या गले से स्वाब (swab) या बलगम लिया जाता है। उसके बाद ये टेस्ट लैब में किया जाता है। इस टेस्ट में राइबोन्युक्लिक एसिड (Ribonucleic acid)  यानि कि RNA की जांच की जाती है।

RT-PCR test का full form क्या होता है ?

RT-PCR test का full form Reverse Transcription-Polymerase chain reaction होता है।

RT-PCR test समझने के लिए हमें RT और PCR के बारे में जानेंगे।

RT क्या है ?

बहुत सारी studies procedures होती हैं जिसके लिए DNA(Deoxyribonucleic acid) को RNA में कन्वर्ट करना होता है या फिर RNA को DNA में कन्वर्ट करना होता है। जब भी DNA को RNA में कन्वर्ट किया जाता है तो उसे Transcription कहा जाता है।और जब भी RNA को वापस DNA में चेन्ज किया जाता है तो उसे Reverse Transcription कहते हैं।

PCR क्या है ?

PCR एक ऐसी तकनीकी है जिसके जरिए DNA की लाखों करोड़ों कापी तैयार की जाती है। इससे केवल DNA की कापी की जाती है RNA की नहीं। 

आपको तो पता ही होगा कि DNA एक genetic material होता है। इसका कार्य genetic material स्टोर करने का होता है और एक generation से दूसरे generation में पहुंचाने का कार्य होता है।DNA सभी generation में same होता है। ये change नहीं होता हैं। 

PCR से DNA का एक सैंपल लेकर उसकी लाखों की कापी बनाकर रख लेते हैं और उस छोटे से सैंपल को लेकर DNA के बारे में अधिक से अधिक studies कर लेते हैं।

कोरोना वायरस में RNA को DNA में बदलने की जरूरत क्यों है ?

आपको तो ये पता ही है कि किसी चीज की सटीक पहचान DNA से ही की जाती है। DNA ही ज्यादा specific होता है किसी भी test को करने के लिए। लेकिन कोरोना वायरस में ऐसा नहीं है क्योंकि कोरोना वायरस में DNA होता ही नहीं है। इसका genetic material RNA होता हैं। टेस्ट के लिए DNA चाहिए होता है इसलिए कोरोना वायरस में RNA को DNA में change किया जाता है।

इसलिए इसे Reverse Transcription कहते हैं उसके बाद PCR से sample को चेक किया जाता है और इस तरह कोविड-19  की जो जांच होती है वो RT-PCR test होता है।

corona virus

RT-PCR test कैसे किया जाता है ?

RT-PCR test के लिए किसी व्यक्ति का swab या बलगम गले से या नाक के छेद से सैंपल लिया जाता है और उसमें जो वायरस मिलता है उसको मैच कराया जाता है। अब इससे चेक किया जाता है कि जो उसका genetic material व्यक्ति के सैंपल से जो वायरस मिला है उसका जो genetic material है क्या वह कोरोना के genetic material से मैच कर रहा है।

जो व्यक्ति के सैंपल से वायरस मिला है उसका genetic material अगर कोरोना के genetic material से मैच होता है तो इसे corona positive बोलते हैं या RT-PCR test positive है यानि उस व्यक्ति को कोरोना है। और यदि मैच नहीं होता है तो कोरोना Negative होता है।

 RT-PCR test में अधिक समय क्यों लगता है ?

RT-PCR test में अधिक समय इसलिए लगता है क्योंकि इसमें पहले व्यक्ति का सैंपल लिया जाता है फिर RNA को DNA में कन्वर्ट किया जाता है। कन्वर्ट करने के बाद PCR करके पता लगाना होता है। 

RT-PCR test में कितना समय लगता है ?

इस टेस्ट को पूरा करने में आमतौर पर 6-8 घण्टे का समय लगता है इस पूरी testing cycle को पूरा करने के लिए रिपोर्ट positive है या negative ये जानने के लिए। लेकिन सरकार के तरफ से जो समय दिया गया है वो 24 घण्टे का समय दिया गया है जिसमें रिपोर्ट देनी होती हैं।

RT-PCR test की कीमत क्या है?

RT-PCR test कीमत अलगअलग राज्यों में अलगअलग हैं। पहले RT-PCR टेस्ट कीमत 4500 रूपए थी। लेकिन अब इसकी कीमत घटाई दी गई है। अब इसकी कीमत 499-1600 रुपए तक है।

आज हम इस पोस्ट में RT-PCR test के बारे में बताएं। उम्मीद है यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी।

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